झांसी।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी- ललितपुर दौरे के दौरान यहां विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश विकसित होगा और उत्तर प्रदेश तब विकसित होगा जब प्रदेश के सभी 75 जनपद विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। झांसी समेत बुंदेलखंड के सभी गांव, नगर निकाय और स्थानीय इकाइयां आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
यहां दीनदयाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारीबाई, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, साहित्यकार वृंदावनलाल वर्मा और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि झांसी की यह भूमि शौर्य, साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाली पावन धरती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 में विकसित भारत के लिए “पंच प्रण” का आह्वान किया था, जिसमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, शहीदों और सुरक्षा बलों का सम्मान, सामाजिक एकता तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन प्रमुख हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत कभी विश्व का सबसे बड़ा ज्ञान और आर्थिक केंद्र था। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और काशी जैसे विश्वविद्यालय पूरी दुनिया में ज्ञान के प्रमुख केंद्र माने जाते थे। विदेशी आक्रमणों और लंबे औपनिवेशिक शासन ने भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति को कमजोर किया तथा भारतीय समाज में हीन भावना पैदा करने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है।
उन्होंने सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश के नागरिक चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं क्योंकि सीमाओं पर जवान कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव प्रत्येक नागरिक के मन में होना चाहिए।
सामाजिक एकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक कमजोरियों का लाभ विदेशी आक्रमणकारियों ने उठाया। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियां राष्ट्रहित में नहीं हैं। समाज को जोड़ना और एकता को मजबूत करना विकसित भारत के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने नागरिक कर्तव्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी का कर्तव्य अध्ययन करना, शिक्षक का कर्तव्य संस्कारित और योग्य नागरिक तैयार करना तथा व्यापारी का कर्तव्य ईमानदारी से व्यापार करना है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करे तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है और देश विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है तथा आधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण तेजी से हो रहा है।
बुंदेलखंड के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। झांसी, चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ और अलीगढ़ को जोड़ने वाली इस परियोजना में बड़े निवेश आ रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब बुंदेलखंड का युवा केवल सेना में भर्ती होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी में फार्मा पार्क, औद्योगिक परियोजनाएं और अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि झांसी मंडल के तीनों जनपद—झांसी, जालौन और ललितपुर—में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था और विकास दोनों मोर्चों पर प्रभावी कार्य किया है। आज बुंदेलखंड का युवा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रहा है तथा क्षेत्र तेजी से विकास की नई पहचान बना रहा है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संकल्प है। उन्होंने लोगों से पंच प्रण को अपने जीवन में उतारने और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
