झांसी। जनपद की गरौठा तहसील परिसर में स्थित एक अधिवक्ता के चैंबर से सामान हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ता राजेश सिंह घटियारी ने तहसील प्रशासन पर बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक नोटिस के उनके चैंबर से फाइलें, फर्नीचर और अन्य महत्वपूर्ण सामान हटाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है।

अधिवक्ता राजेश सिंह घटियारी का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तड़के सुबह उनके चैंबर में रखे सामान को हटवा लिया गया। उनका कहना है कि उन्हें न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही चैंबर खाली करने के संबंध में कोई पूर्व सूचना प्रदान की गई। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से उनके पेशेवर कार्य प्रभावित हुए हैं तथा महत्वपूर्ण केस फाइलों और दस्तावेजों के गायब होने की आशंका भी बनी हुई है।
मामले को लेकर कई अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की अतिक्रमण विरोधी या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक थी, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष को नोटिस देकर उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। अधिवक्ताओं ने इसे उनके अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सिद्धांतों के विपरीत बताया है।
अधिवक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, समाचार लिखे जाने तक तहसील प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
