भूपेंद्र सिंह का आरोप- हदबंदी और पत्थरगड्डी के बाद भी जमीन पर कब्जे का प्रयास
झांसी । झांसी के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित गढ़ियागांव गढ़ियागांव जमीन विवाद मामले में नया मोड़ सामने आया है। पहले कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमीन पर कब्जे का आरोप लगाने वाले पक्ष के खिलाफ अब दूसरे पक्ष ने वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र सिंह निवासी कमल सिंह कॉलोनी, ईसाई टोला ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष द्वारा सरकारी टीमों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई। उन्होंने इस संबंध में कुछ वीडियो भी जारी किए हैं।

पुत्रियों के नाम दर्ज है जमीन, हो चुकी है हदबंदी
भूपेंद्र सिंह के अनुसार मौजा गढ़ियागांव में संक्रमणीय भूमि उनकी पुत्रियों के नाम दर्ज है। उनकी जमीन की विधिवत हदबंदी और पत्थरगड्डी भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जमीन पर पत्थर और बोल्डर की चारदीवारी भी बनाई गई है।
उनका दावा है कि विपक्षी पक्ष की जमीन उनकी भूमि से कुछ दूरी पर स्थित है और दोनों जमीनों की कोई साझा सीमा नहीं है। दोनों के बीच नत्थू तथा नगर निगम की सरकारी भूमि स्थित है।
रास्ते को लेकर विवाद और 10 लाख रुपये मांगने का आरोप
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष द्वारा लगातार यह कहकर उन्हें धमकाया जाता है कि उनकी जमीन से रास्ता निकलता है। उन्होंने दावा किया कि रास्ता देने के बदले उनसे 10 लाख रुपये की मांग की जाती है।
आरोप है कि विरोध करने पर बाउंड्री वॉल तोड़कर जमीन पर कब्जा करने और मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है।
जेसीबी पर पथराव कर शीशे तोड़ने का आरोप
भूपेंद्र सिंह के मुताबिक कुछ दिन पहले उनकी जमीन पर कृषि कार्य के लिए जेसीबी मशीन से समतलीकरण कराया जा रहा था। इसी दौरान विपक्षी पक्ष द्वारा जेसीबी मशीन पर पथराव किया गया, जिससे उसके शीशे टूट गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन पर काम कर रहे मजदूरों को लगातार धमकाया जाता है और उन पर पथराव किया जाता है।
सरकारी टीमों से अभद्रता का भी लगाया आरोप
भूपेंद्र सिंह का आरोप है कि पूर्व में नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों की टीमें जब जमीन की नाप-जोख के लिए मौके पर पहुंचीं, तो विपक्षी पक्ष के महिला और पुरुष सदस्यों ने सरकारी टीमों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। इस संबंध में उन्होंने वीडियो जारी कर जांच की मांग की है।
जनप्रतिनिधि का नाम लेकर छवि धूमिल करने का आरोप
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद में अब एक जनप्रतिनिधि का नाम जोड़कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से विपक्षी पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।र साहू ने व्यक्त किया।
