मानसिक स्वास्थ्य कार्यशालाv

बीयू में मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का हुआ समापन

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झांसी 11 अक्टूबर।  उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) में आयोजित दो दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला “मेरा मानसिक स्वास्थ्य मेरा उत्तरदायित्व” का बुधवार को समापन हो गया।

यहां विश्वविद्यालय और  राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राज्य परिवार नियोजन सेवा अभिनवीकरण परियोजना एजेंसी (सिफ्सा) के संयुक्त तत्वाधान में  विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में गांधी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।

मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला

समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. मुन्ना तिवारी ने कहा “ हमारे अंदर ही मन को स्वस्थ रखने के सभी तत्व उपलब्ध होते हैं। हमें उनको पता करना चाहिए और उनके अनुसार काम करना चाहिए। जब कभी यह महसूस हो कि कोई समस्या बहुत बड़ी हो गई है तो उसे अपने शिक्षकों, मित्रों या परिवार के सदस्यों से बात करके समाधान खोजना चाहिए।”

इस अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त अधिकारी वसी मोहम्मद ने कहा “ मन हमें नियंत्रित करने का प्रयास करता है और यह हमारी सभी गतिविधियों को प्रभावित करता है। शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। मन अस्वास्थ्य होता है तो किसी भी काम में लगता है और हमारी दिनचर्या प्रभावित होती है।”

विशिष्ट अतिथि उप कुलसचिव परीक्षा दिनेश कुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। इसे रोकने का एक मात्र उपाय जागरूकता है। जागरूकता के द्वारा ही हम इस समस्या से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में इसके प्रति बहुत गलत धारणा बनी हुई है। इस धारणा को खत्म करना भी मानसिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।

सहायक कुलसचिव वित्त सुनील सेन ने कहा कि मेरा मानसिक स्वास्थ्य मेरी जिम्मेदारी से आगे बढ़ते हुए अब विद्यार्थियों को समाज के लिए भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिणाम एक दिन में बहुत अच्छे नहीं आएंगे लेकिन निरंतर प्रयास से बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त किया जा सकता है।

शेख़ अंजुम सहायक कुलसचिव  ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा निर्मित पोस्टर मानसिक अवसाद को कम करने में बहुत ही सहायक हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा दिया गया संदेश समाज तक जाना चाहिए।

कार्यक्रम की संयोजक एवं नोडल अधिकारी सिफ्सा डॉ. श्वेता पाण्डेय ने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह दो दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम विद्यार्थियों की आंतरिक अभिव्यक्ति को प्रकट करने के लिए किया गया है। इसमें विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति को विशेष रूप से स्थान दिया गया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने नाटक, कहानी, कविता, पोस्टर, संस्मरण, पेंटिंग के द्वारा स्वयं को प्रदर्शित करने का प्रयास किया।

कार्यक्रम का संचालन गजेन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वैभव सिंह

बुंदेलखंड कनेक्शन

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