न्यायालय आपके द्वार अभियान

न्यायालय आपके द्वार अभियान से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित न्याय

/

झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी की पहल “न्यायालय आपके द्वार” अभियान जनपद में न्याय व्यवस्था को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इस अभिनव व्यवस्था के तहत दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब न्याय के लिए मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके मामलों की सुनवाई कर त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

मंगलवार को जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व, स्टाम्प, आर्म्स एक्ट तथा उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई की। इस दौरान तीन गुण्डा एक्ट, 17 आर्म्स एक्ट तथा कई अन्य मामलों पर विचार किया गया।

सुनवाई के दौरान गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत सुरेन्द्र यादव को एक लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद करते हुए छह माह तक प्रत्येक शनिवार को थाने में हाजिरी देने के निर्देश दिए गए। वहीं आकाश, अजय गुर्जर उर्फ राघवेन्द्र तथा नन्दू उर्फ प्रीतम सिंह को जिला बदर किए जाने का आदेश पारित किया गया।

इसके अलावा गरौठा थाना क्षेत्र के एक आर्म्स एक्ट मामले की भी सुनवाई की गई। स्टाम्प वादों में उप निबंधकों और क्षेत्रीय लेखपालों को मौके पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा की भूमि पर कब्जे से संबंधित मामलों में भी पुनः नाप-जोख कर रिपोर्ट देने को कहा गया।

प्रशासन के अनुसार “न्यायालय आपके द्वार” अभियान का सबसे बड़ा लाभ उन वादकारियों को मिल रहा है, जिन्हें पहले न्याय के लिए बार-बार जिला मुख्यालय आना पड़ता था। अब वे अपने क्षेत्र से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ, पारदर्शी और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। प्रशासन की इस पहल की अधिवक्ताओं एवं आम लोगों द्वारा भी सराहना की जा रही है।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

आवास विकास योजना-4 के भूमि अधिग्रहण मामले में राज्यसभा सभापति से हस्तक्षेप की मांग

Latest from Jhansi

error: Content is protected !!