झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में रेल परिचालन को गति देने के लिए विभिन्न रेलखंडों पर ट्रेनों की स्वीकृत रफ्तार बढ़ा दी गई है।
कई रेलखंडों में गति 110 और 120 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। वहीं, बांदा-खुरहंड के बीच नव निर्मित रेल लाइन पर भी गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार के साथ यात्रियों के सफर का समय भी कम होगा।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। विभिन्न रेलखंडों पर गति बढ़ाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यात्रियों को तेज, सुगम और बेहतर रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।
रेलवे के अनुसार ललितपुर-मोहासा रेलखंड में दोनों लाइनों पर कुल 73.62 किलोमीटर की दूरी में गति 120 से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। झांसी-दतिया के बीच तीसरी रेल लाइन के 22.513 किलोमीटर हिस्से में भी गति 110 से बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गई है।
इसी तरह आंतरी-संदलपुर रेलखंड में डाउन मेन लाइन के कट-कनेक्शन और स्थायी डायवर्जन पर गति बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। मुरैना-हेतमपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के 15.844 किलोमीटर हिस्से में भी अब ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। इसके अलावा खैरार-मानिकपुर रेलखंड में बांदा और खुरहंड स्टेशनों के बीच नव निर्मित डाउन लाइन के 19.178 किलोमीटर हिस्से में गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि गति बढ़ने से लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में समय की बचत होगी। साथ ही रेलखंडों की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु एवं समयबद्ध हो सकेगा। नई और तीसरी रेल लाइनों पर गति वृद्धि से मौजूदा रेल अवसंरचना का बेहतर उपयोग भी संभव होगा।
