झांसी। जनपद में अवैध खनन के खिलाफ जिलाधिकारी गौरांग राठी के कड़े रुख से इसमें संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है ।
जिलाधिकारी के निर्देशन में खनन कारोबारियों के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है, जिसके तहत लगभग 1.47 करोड़ से अधिक की शास्ति (जुर्माना) वसूले जाने की तैयारी है।लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों और माफिया में हड़कंप मच गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवंटित क्षेत्र से बाहर खनन, नदी की मुख्यधारा में खनन और खनिजों की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बालू, मौरंग और गिट्टी जैसे खनिज आम जनता से जुड़े हैं, इसलिए उनकी कृत्रिम कमी और कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन ने अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़ और एसडीएम गरौठा के नेतृत्व में टीम गठित कर छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं खनन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच में कई खनन पट्टाधारकों के खिलाफ अवैध खनन के मामले सामने आए हैं।
जांच में मोतीकटरा, खरवांच और कुकरगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वीकृत पट्टों के बावजूद हजारों घनमीटर बालू/मौरम का अवैध खनन पाया गया। इन मामलों में संबंधित पट्टाधारकों को नोटिस जारी करते हुए कुल 1,47,59,564 की धनराशि शास्ति के रूप में जमा कराने की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उ.प्र. उप खनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम 61 के तहत दोषी खनन कारोबारियों के पट्टे निरस्त किए जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 सहित अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और खनन विभाग को निर्देश दिए हैं कि नियमित निरीक्षण कर अवैध खनन पर तुरंत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।इस दौरान खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह सहित संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
