झांसी। पांच वर्ष पूर्व युवती द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने के मामले में झांसी में अपर सत्र न्यायाधीश गरौठा सत्य प्रकाश आर्य की अदालत ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत के अनुसार, ककरबई थाना क्षेत्र के ग्राम कैरोखर निवासी संतोष साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव का रामजी यादव उसकी 20 वर्षीय बेटी कमलेश से बातचीत करता था। 10 नवंबर 2021 को कमलेश ने दीवार पर रामजी का नाम लिखने के बाद मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि रामजी के कारण परेशान होकर बेटी ने आत्महत्या की।
पुलिस ने रामजी यादव और उसके पिता राधेलाल यादव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय में पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रामजी यादव को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दूसरे आरोपी राधेलाल यादव को दोषमुक्त कर दिया गया।
