झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-2 देवाशीष ने करीब 14 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2012 में एक विवाह समारोह के दौरान हुई गोलीबारी और हत्या से जुड़ा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय देव शर्मा के अनुसार, बाहर सैयर गेट स्थित चिक वाली गली निवासी अशोक कुमार कनौजिया ने थाना कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 27 फरवरी 2012 को उनके भाई रमेश कनौजिया एक विवाह समारोह में आयोजित स्वागत समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 9:45 बजे कार्यक्रम के दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और रमेश के साथ मारपीट करने लगे।रिपोर्ट के अनुसार, जब रमेश जान बचाकर भागने का प्रयास करने लगे तो आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और एक आरोपी ने तमंचे से गोली चला दी, जो रमेश के सिर में लगी। उन्हें बचाने पहुंचे गनेश, नीरज और निजाम भी दूसरी फायरिंग में छर्रे लगने से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

घायलों को तत्काल रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान रमेश की मृत्यु होने पर मुकदमे में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
