झांसी। शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद डॉ. शिशिर पुरी ने मंगलवार को झांसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का पदभार ग्रहण कर लिया।

पदभार संभालते ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की रूपरेखा स्पष्ट कर दी।नवागंतुक सीएमओ ने कहा कि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण तथा मुख्यमंत्री हेल्थ डैशबोर्ड के लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, गर्भावस्था के दौरान कम से कम छह प्रसवपूर्व जांच, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत चिकित्सकीय परीक्षण तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रसव के बाद 42 दिनों तक माताओं की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
डॉ. पुरी ने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके सुरक्षित प्रसव तक विशेष निगरानी रखी जाएगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने नवजात शिशुओं, पांच वर्ष तक के बच्चों तथा किशोर-किशोरियों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्थ डैशबोर्ड, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, उच्च जोखिम गर्भावस्था निगरानी एवं प्रबंधन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, एचपीवी टीकाकरण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक औषधियों की उपलब्धता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. शिशिर पुरी इससे पहले औरैया जनपद में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
