झांसी। थाना नवाबाद और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शादी कराने के नाम पर देशभर के लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 9 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, मैकबुक, कंप्यूटर, आईफोन, सोने के आभूषण, लेखा-जोखा से जुड़े रजिस्टर सहित करीब 9 लाख रुपये का सामान बरामद किया है। जांच में 7 बैंक खातों में 41 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को थाना नवाबाद और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर सुनील राय पुत्र स्व.छेदी राय निवासी 240/1 ई , राय कॉलोनी सिटी कोर्ट के पीछे थाना नवाबाद के मकान में संचालित शादी संस्था पर छापेमारी की। मौके से दो पुरुष और नौ महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी कर रहा था।
उन्होंने बताया कि आरोपी देशभर के अधेड़ उम्र के अविवाहित या विवाह के इच्छुक पुरुषों का डेटा जुटाकर उन्हें शादी का झांसा देते थे। कॉल सेंटर में बैठी महिलाएं उनसे लगातार बातचीत कर विश्वास जीतती थीं। इसके बाद एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई आकर्षक महिलाओं की तस्वीरें भेजकर उन्हें हनी ट्रैप में फंसाया जाता था। फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और अन्य बहानों से 5 हजार, 7 हजार रुपये जैसी छोटी-छोटी रकम कई किस्तों में वसूली जाती थी। इस तरह एक व्यक्ति से दो से तीन महीने के भीतर करीब 30 से 45 हजार रुपये तक की ठगी की जाती थी।
पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली महिलाओं को मासिक वेतन और कमीशन दिया जाता था। यहां नए कर्मचारियों को बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह के चार मुख्य आरोपी हैं, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। दोनों पुरुष आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वे पहले छत्तीसगढ़ में इसी प्रकार की साइबर ठगी करते थे और करीब तीन-चार वर्ष पहले झांसी आकर इस नेटवर्क का संचालन शुरू कर दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 9 एंड्रॉयड मोबाइल, 17 कीपैड मोबाइल, एक मैकबुक, सात सीपीयू, प्रिंटर, 62 कॉपियां, 22 लेखा-जोखा रजिस्टर, 25 फाइलें, यूपीआई क्यूआर कोड, क्यूआर साउंड बॉक्स, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बायोमेट्रिक मशीन, राउटर, सोने की चेन, कान के टॉप्स सहित अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए। बरामद रजिस्टरों और दस्तावेजों से सात बैंक खातों में 41 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा साइबर ठगी के नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
