झांसी। जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फायर और झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) तथा पंजीकरण के बिना किसी भी कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को सील कर दिया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 50 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जबकि केवल 9 संस्थान ही पंजीकृत हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। अभियान के तहत सभी कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक लाइब्रेरी में अग्नि सुरक्षा, फायर उपकरणों, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत वायरिंग और फायर एनओसी की जांच की जाएगी।
बैठक में अनुपस्थित कोचिंग संचालकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। जिन संस्थानों के पास फायर और जेडीए की एनओसी उपलब्ध है, उन्हें तत्काल उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली-2002 के तहत पंजीकरण कराने को कहा गया। वहीं जिनके पास एनओसी नहीं है, उन्हें आवेदन करने और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक माह का समय दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोचिंग किराए के भवन में संचालित हो रही है तो भवन स्वामी को भी आवश्यक एनओसी प्राप्त करनी होगी, अन्यथा संस्थान सील किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि फायर एनओसी के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। साथ ही प्रभारी फायर स्टेशन अनिल कुमार के मोबाइल नंबर 9454418431 पर आवेदन प्रक्रिया संबंधी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी प्रो. सुशील बाबू ने कोचिंग विनियमन नियमावली-2002 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य है और प्रत्येक नई शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.के. राय ने फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। बैठक में जेडीए, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और नागरिक सुरक्षा संगठन के अधिकारी तथा कोचिंग संचालक उपस्थित रहे।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
