बुंदेलखंड विश्वविद्यालय

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मियावाकी पद्धति से विकसित होगा हरित वन

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा गुरुवार को नारायणबाग कृषि प्रक्षेत्र में मियावाकी पद्धति पर आधारित वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में मियावाकी वन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। इस जापानी पद्धति से कम स्थान में घने और तेजी से विकसित होने वाले वन तैयार किए जाते हैं, जो वायु प्रदूषण कम करने और जैव विविधता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।बुंदेलखंड विश्वविद्यालयकार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनीत कुमार, सम्पत्ति अधिकारी प्रो. डी.के. भट्ट, फार्म मैनेजर डॉ. अवनीश दुबे, डॉ. हरपाल सिंह सहित संस्थान के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा कि मियावाकी वन आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत साबित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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