झांसी। बरसात के मौसम में संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जिलेभर में सड़े-गले एवं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त फल-सब्जियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इसके साथ ही आम लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

क्या हुई कार्रवाई
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने नवीन फल एवं सब्जी मंडी में छापामार कार्रवाई करते हुए लगभग 200 किलोग्राम कटे-फटे और खराब आम, पपीता, अंगूर, केले तथा अनार को मौके पर नष्ट कराया। फल विक्रेताओं को साफ-सफाई के साथ कारोबार करने, फलों को पकाने के लिए कार्बाइड का प्रयोग न करने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
सहायक आयुक्त खाद्य ने दी जानकारी
सहायक आयुक्त खाद्य पवन कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान “एफडीए आपके द्वार” और फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की जा रही है। अभियान के दौरान करीब 50 खाद्य कारोबारियों और लगभग 600 लोगों को जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण अनिवार्य है। बिना लाइसेंस कारोबार करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत छह माह तक के कारावास और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। खाद्य पदार्थों से संबंधित शिकायतों के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805533 पर संपर्क किया जा सकता है।
