किशोरी का शव

ज़िंदा इंसान नहीं मुर्दों को लेकर सवालों के घेरे में झांसी मेडिकल

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झांसी 07 दिसंबर। झांसी  का महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज (मलबा)  एक बार फिर सवालों के घेरे में है और इस बार मामला ज़िंदा इंसानों से नहीं बल्कि मुर्दों से जुड़ा है । मेडिकल कॉलेज  के पोस्टमार्टम हाउस में एक शव को जानवरों द्वारा नोंचकर क्षत विक्षत किये जाने का मामला आज उस समय प्रकाश में आया जब मृतक के परिजन शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

करैरा निवासी संजय जैन (40) के शव को मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में जानवरों ने नोंच नोंच कर शत विक्षत कर दिया।संजय के परिजन डॉ़ विपिन कुमार जैन ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार था और  कल शाम उसने जहर खा लिया था ,परिजन उसे आनन फानन में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां उसका इलाज किया गया लेकिन आज सुबह उसे दम तोड़ दिया इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ।

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

इसके बाद जो कुछ परिजनों ने बताया वह मानवता को बेहद शर्मसार करने वाला व्याख्यान है। परिजनों के अनुसार यहां उन्हें शव को निकालने खुद ही जाना पड़ा इसको लेकर परिजनों ने कड़ी आपत्ति जतायी और बताया कि जब शव को अंदर जाकर ढूंढा गया और चादर हटायी तो मृतक की दोनों आंखे जानवरों ने नोंच दी थीं । एक आंख तो खा ही ली थी और दूसरी आंख भी बुरी तरह से नुची हुई थी इसके अलावा शव को कुछ इस तरह से नोचा गया था कि पहचान कर पाना ही संभव नहीं हो रहा था। उसके कपड़ों से पहचान की गयी कि शव विशेष संजय का ही है। परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस की इस दुर्दशा के लिए प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।

गुस्साये परिजनों ने पोस्टमार्टम के इस बुरे हाल की जानकारी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की नाकामी को भी रेखांकित करते हुए सवाल उठाये।

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

इस पूरे मामले पर जब सीएमएस सचिन माहौर से बात की गयी तो उन्होंने मामले का संज्ञान होने की बात कही और मेडिकल प्रशासन की लापरवाही की बात स्वीकार की  लेकिन साथ ही कहा कि पोस्टमार्टम हाउस में जानवरों का प्रवेश रोकने के लिए जाली लगायीं गयीं थीं लेकिन जानवरों ने इसे भी तोड़ दिया और भीतर घुसकर शव को नुकसान पहुंचाया। श्री माहौर ने कहा कि आज ही शाम तक पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी जानवर के प्रवेश को रोकने के लिए पूरी व्यवस्था कर दी जायेगी।

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

 

पोस्टमार्टम हाउस में शवों को नोंच रहे जानवर

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप जैन ने इस पूरे मामले को संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताते हुए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि यदि झांसी के पोस्टमार्टम हाउस में कोई शव परीक्षण के लिए आये तो मात्र कुछ घंटों में ही वह देह अंतिम दर्शन लायक ही नहीं बचती है।

उन्होंने कहा कि मात्र तीन घंटों में पोस्टमार्टम के लिए आये शव को जानवरों ने ऐसे बदहाल कर दिया कि  पहचान भी नहीं हो रही थी। मेडिकल प्रशासन इस मामले में अपना अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं।पोस्टमार्टम हाउस में बॉक्स नहीं हैं जो हैं वह टूटे फूटे हैं, इतनी गंदगी है कि बयान करना मुश्किल है। कुत्ते , चूहे ,ऊदबिलाव न जाने कौन कौन से जानवरों को यहां आना जाना है सवाल यह है कि जिम्मेदार कौन है। उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वैभव सिंह

बुंदेलखंड कनेक्शन

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