जिलाधिकारी अपील

अगले दो दिन खराब मौसम को लेकर जिलाधिकारी ने की जनपदवासियों से सावधान रहने की अपील

/

झांसी 27 जुलाई। झांसी जिला प्रशासन ने केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और मौसम विभाग द्वारा आगामी दो दिनों में गर्जन तर्जन के साथ बारिश, साथ ही तेज हवाओं के बीच आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए जारी की चेतावनी के मद्देनजर जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

जिलाधिकारी  रविंद्र कुमार ने आज कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन के दौरान जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि मानसून का समय चल रहा है और ऐसे में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका  भी  क्षेत्रों में बनी रहती है, जिससे जान माल की हानि हो सकती है।

जिलाधिकारी अपील

उन्होंने जनता दर्शन को आये अभिभावक एवं बच्चों से कहा कि आप अपने घरों के आसपास रहने वाले एवं जनमानस को जागरूक करें ताकि वह आकाशीय बिजली से अपना बचाव कर सकें।  उन्होंने कहा कि जब आप घरों में हो तो आकाशीय बिजली या वज्रपात होने के समय इन निर्देशों का पालन शत-प्रतिशत करें। उन्होंने बच्चों से शिक्षा के संबंधित बातचीत करते हुए  टॉफी वितरित कर उत्साहवर्धन किया।

जिलाधिकारी जनपद वासियों को सुझाव देते हुए कहा कि मेघ गर्जन आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान घर में रहें, खिड़कियाँ और दरवाज़े बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें। बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें। इसके अतिरिक्त यदि पानी के अंदर है तो जलस्रोतों से तुरंत बाहर निकलें। उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं,वाहन चलाने में भी सावधानी बरतें।

उन्होंने कहा कि अचानक आने वाली बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों से दूर रहें, पक्के अथवा सुरक्षित मकानों में आश्रय लें, अस्थायी और असुरक्षित संरचनाओं को ठीक से सुरक्षित किया जाना चाहिए अथवा खाली कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि बिजली की वैकल्पिक योजना बनाई जा सकती है, बिजली उपकरणों, स्विचों, तारों, और टेलीफोन का प्रयोग ना करें और खिड़की के कांच, टीन की छत, गीले सामानों और लोहे के हैंडलों से दूर रहें। दीवारों के सहारे टेक लगाकर ना खड़े हों, स्नान करना तुरंत रोक दें।

उन्होंने घर के बाहर होने पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर कहा कि  अगर आप के सिर के बाल खड़े हो रहे हों, त्वचा में झुनझुनी हो तो फौरन सिर झुका कर कान बंद कर लें, क्योंकि आपके आसपास बिजली गिरने वाली ही होगी। सफर के दौरान अपने वाहन में शीशे चढ़ा कर बैठे रहें। मजबूत छत वाले वाहन में रहें, खुली छत वाले वाहनों की सवारी ना करें। वज्रपात के समय अगर आप पानी में हो तो तुरंत बाहर आ जाएं।

किसी बिजली के खंबे के समीप ना खड़े हों। यदि आप जंगल में हो तो बौने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जाएं। धातु से बने कृषि यंत्र आदि से अपने को दूर कर दें। यदि आप खेत खलियान में काम कर रहे हों और किसी सुरक्षित स्थान की शरण ना ले पाए हों तो जहां है वहीं रहें और पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें जमीन पर किसी भी दशा में ना लेटें  पैदल जा रहे हो तो, धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग ना करें।

वज्रपात के मामले में मृत्यु का तात्कालिक कारण हृदयाघात होता है। अगर जरूरी हो तो तुरंत सीपीआर प्रारंभ कर दें।प्राथमिक चिकित्सा देने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि प्रभावित व्यक्ति के शरीर में विद्युत का प्रभाव न हो रहा हो एवं यह भी सुनिश्चित करने की पीड़ित की नाड़ी एवं साथ सांस चल रही हो। उन्होंने आकाशीय बिजली को लेकर भीलोगों को सचेत किया और दामिनी एप अपने फोन में डाउनलोड करने को कहा। इस ऐप के माध्यम से वज्रपात की  जानकारी पूर्व में और सटीक प्राप्त होगी, जिससे जान माल  के नुकसान को हम रोक सकते हैं।

वैभव सिंह

बुंदेलखंड कनेक्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

सुरक्षा,ट्रेनों का समय से परिचालन व यात्री सुविधाओं के बढोतरी है प्राथमिकताएं: दीपक कुमार सिन्हा

Next Story

झांसी-कानपुर राजमार्ग पर फिर ढाया तेज रफ्तार ने कहर,तीन महिलाओं की मौत

Latest from Jhansi

error: Content is protected !!