झांसी। मानसून की पहली बारिश ने ही जनपद के टहरौली के विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है ।

हल्की बारिश के बाद ही टहरौली का पुराना मुख्य कपड़ा बाजार जलभराव और कीचड़ की चपेट में आ गया, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाजार की सड़क पर पानी भर जाने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार में लंबे समय से सफाई व्यवस्था बदहाल है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से उनमें गंदगी जमा है, जिसके चलते बारिश का पानी निकासी नहीं पा सका और पूरा बाजार जलमग्न हो गया। व्यापारियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग की ओर से बनाई जा रही सड़क मानकों के अनुरूप नहीं है और ठेकेदार उसे अधूरा छोड़कर चला गया। अधूरी सड़क और अव्यवस्थित निर्माण कार्य के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र दलदल में तब्दील हो गया है।
ग्राम प्रधान अमित कुमार जैन ने बताया कि रोस्टर व्यवस्था के तहत सफाईकर्मियों की ड्यूटी अन्य स्थानों पर भी लगाई जा रही है, जिसके कारण वे ग्राम पंचायत टहरौली किला क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जलभराव की प्रमुख वजह पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही अधूरी सड़क है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि पहली ही बारिश में यदि यह स्थिति है तो पूरे मानसून के दौरान हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। उनका कहना है कि जलभराव के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है और राहगीरों को भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीयों सहित अन्य व्यापारियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अधूरी सड़क का निर्माण पूरा कराने, नालियों की सफाई कराने तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के पूरे मौसम में बाजार और स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
