झांसी। अर्जुन अवार्डी बॉक्सर सतीश कुमार ने वीरांगना नगरी झांसी में कहा कि उत्तर प्रदेश में बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत ढांचा तैयार करना जरूरी है।

अपने झांसी दौरे पर टोक्यो ओलंपिक में अपने जज्बे से पहचान बनाने वाले बॉक्सर सतीश कुमार ने सुझाव दिया कि हर स्कूल में बॉक्सिंग को अनिवार्य किया जाए और ग्राम पंचायत स्तर पर मिनी स्टेडियम विकसित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाते। यदि तीन-चार गांवों के बीच मिनी स्टेडियम बनाए जाएं और वहां प्रशिक्षित कोच नियुक्त हों, तो खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
स्कूलों में बॉक्सिंग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की वकालत करते हुए सतीश कुमार ने कहा कि इससे बच्चों में अनुशासन, आत्मरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान भी संभव होगी।
ग्रामीण युवाओं के लिए उन्होंने कहा कि गांवों में स्वाभाविक रूप से संघर्ष की क्षमता और शारीरिक मजबूती होती है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सुविधाएं गांवों तक पहुंचीं, तो प्रदेश का हर जिला एक चैंपियन खिलाड़ी दे सकता है।
टोक्यो ओलंपिक 2020 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चोट के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा “एक फौजी और एक बॉक्सर कभी हार नहीं मानता ।”
