झांसी। सात वर्ष पूर्व किशोरी से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने अभियुक्त गगन तिवारी को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर कुल 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया :
विशेष लोक अभियोजक प्रीति चतुर्वेदी के अनुसार आठ जनवरी 2019 को वादी ने टहरौली थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि छह जनवरी की शाम उसकी पुत्री सहेली के यहां से किताब लेकर घर लौट रही थी। ग्राम धवारी में गगन तिवारी ने उसे रोककर अश्लील हरकतें करते हुए छेड़छाड़ की। किशोरी ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की।
पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर अपने भाइयों को घटना बताने के लिए हरिजन बस्ती की ओर जा रही थी, तभी आरोपी ने उसे दोबारा पकड़ लिया और घटना की जानकारी घर में देने पर जान से मारने की धमकी दी। घर पहुंचकर किशोरी ने परिजनों को आपबीती बताई। वादी ने आरोपी के पिता और चाचा से शिकायत की, लेकिन उनके द्वारा भी कोई सहयोग नहीं किया गया।
वादी की तहरीर के आधार पर गगन तिवारी पुत्र महादेव तिवारी निवासी धवारी, थाना टहरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत ने धारा 354 भारतीय दंड संहिता के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 323 के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर संबंधित धाराओं में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
