झांसी।महानगर के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के लहरागिर्द इलाके में जमीन पर कब्जे का विवाद उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद नहीं सुलझ सका। पीड़ितों का आरोप है कि वर्षों पहले खरीदी गई जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो दबंगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए उन्हें धमकाया और मारपीट की। पीड़ितों ने दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने तथा मांग पूरी नहीं होने पर जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई है।
वर्ष 2007 में कराई थी जमीन की रजिस्ट्री
सीपरी बाजार के आदर्श नगर निवासी सतीश चंद्र श्रीवास्तव, महेश चंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने पुलिस अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने वर्ष 2007 में लहरागिर्द स्थित आराजी संख्या 217/2 से 249/1 तक के प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी। पीड़ितों के अनुसार, जमीन पर उनकी बाउंड्री बनी हुई थी। कुछ समय बाद जब वह अपने प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो वहां रहने वाले एक दबंग व्यक्ति ने उन्हें कब्जा लेने से रोक दिया।
पीड़ितों का आरोप है कि विरोध करने पर उक्त व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा देने के एवज में दस लाख रुपये की अवैध मांग की। इस संबंध में उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए, लेकिन उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका।
जमीन विवाद:उच्च न्यायालय ने राजस्व विभाग को दिए थे निर्देश
कब्जा नहीं मिलने पर पीड़ितों ने प्रयागराज उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। पीड़ितों के अनुसार, उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त 2026 को झांसी राजस्व विभाग को निर्देश दिए थे कि टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या का निस्तारण किया जाए और जमीन से संबंधित विवाद का समाधान कराया जाए।
राजस्व टीम के सामने मारपीट का आरोप
गुरुवार को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राजस्व विभाग की टीम पीड़ितों के साथ उक्त जमीन पर पहुंची। पीड़ितों का आरोप है कि विपक्षी दबंग ने राजस्व विभाग की टीम को कार्रवाई नहीं करने दी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की।
पीड़ितों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच कराने, आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की है। मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
