झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी सीएडब्ल्यू) मनोज कुमार जाटव की अदालत ने दो लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में दोषी पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय ने बताया कि पलरा निवासी अरविंद कुमार उर्फ मुन्ना ने अपनी पुत्री द्रोप्ती का विवाह 18 फरवरी 2018 को पृथ्वीपुर निवासी बृजेन्द्र के साथ किया था। विवाह में वादी ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार करीब पांच लाख रुपये का दान-दहेज दिया था। आरोप था कि इसके बावजूद पति बृजेन्द्र और उसकी मां शीला दो लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर द्रोप्ती को प्रताड़ित करते थे और मांग पूरी न होने पर जान से मारने तथा बेटे की दूसरी शादी करने की धमकी देते थे।
वादी के अनुसार, द्रोप्ती ने मायके पहुंचकर पति और सास द्वारा की जा रही दहेज की मांग और प्रताड़ना की जानकारी दी थी। इसके बाद 17 जुलाई 2020 को वह अपने पति के साथ ससुराल चली गई। अगले दिन परिजनों को उसके बीमार होने की सूचना दी गई। जब परिजन पृथ्वीपुर पहुंचे तो द्रोप्ती मृत अवस्था में मिली और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।
मामले में थाना मऊरानीपुर में पति बृजेन्द्र और सास शीला के खिलाफ धारा 498ए, 304बी, 323, 506 भारतीय दंड संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को धारा 304बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 498ए में दो-दो वर्ष का कारावास व अर्थदंड, धारा 323 में छह-छह माह, धारा 506 में तीन-तीन वर्ष का कारावास व अर्थदंड तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत एक-एक वर्ष के कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।
