झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने क्षेत्र में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की है। इस केंद्र का उद्देश्य कृषि आधारित मूल्य-वर्धित सेवाओं और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है।

विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित यह इन्क्यूबेशन सेंटर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत ‘सेक्शन 8 कंपनी’ के रूप में पंजीकृत है। इसके निदेशक मंडल में डॉ. अशोक कुमार सिंह (अध्यक्ष), डॉ. शिवपाल सिंह कुशवाह (निदेशक), डॉ. प्रशांत जाम्बुलकर (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) तथा डॉ. ओम प्रकाश सिंह और डॉ. अतुल द्विवेदी गैर-कार्यकारी सदस्यों के रूप में शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र नई तकनीकों के परीक्षण, विस्तार और उन्हें व्यावसायिक रूप देने में युवाओं को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। जिन युवाओं के पास अभिनव विचार या स्टार्टअप की योजना है, वे इस इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के तहत आवेदन कर सकेंगे।
चयन प्रक्रिया के तहत इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसमें दस्तावेजों की जांच, स्क्रीनिंग समिति के समक्ष प्रस्तुति और इंटरव्यू जैसे चरण शामिल होंगे। आवेदकों को अपने प्रस्ताव के साथ विस्तृत बिजनेस प्लान या कार्यकारी सारांश प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
चयनित स्टार्टअप्स को अनुभवी मेंटर्स, सफल उद्यमियों और उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे वे अपने बिजनेस मॉडल और रणनीतियों को सशक्त बना सकेंगे। साथ ही नेटवर्किंग इवेंट्स, वर्कशॉप्स और इंडस्ट्री कनेक्ट कार्यक्रमों के जरिए साझेदारी के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन्क्यूबेशन सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें मशरूम लैब, मधुमक्खी पालन एवं प्रोसेसिंग यूनिट, बायो-कंट्रोल प्रयोगशाला, फूड प्रोसेसिंग लैब, हाई-टेक पॉलीहाउस, नेट हाउस, फल-फूल नर्सरी, बीज केंद्र, वर्मीकम्पोस्ट यूनिट, जैविक खेती प्रणाली और एग्री-ड्रोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा को-वर्किंग स्पेस और मीटिंग रूम की भी व्यवस्था की गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अधिक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विवरण विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें।
