झांसी। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क किए बिना शिकायतों का निस्तारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी शिकायतकर्ता से बात नहीं करता है तो उसका वेतन भी रोका जा सकता है।

1,940 शिकायतकर्ताओं ने जताई नाराजगी
कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस, ऑनलाइन शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि शासन स्तर पर 3,869 निस्तारित शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिनमें से 1,940 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष जताया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
इन विभागों का प्रदर्शन रहा कमजोर
समीक्षा में तहसील गरौठा, तहसील टहरौली, समाज कल्याण विभाग और एलडीएम पंजाब नेशनल बैंक के शिकायत निस्तारण पर भी नाराजगी जताई गई। डीएम ने दोहराया कि बार-बार आने वाली शिकायतों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने ने जनहित सभी विभागों को दिए निर्देश:
डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर उसका फीडबैक पोर्टल पर दर्ज किया जाए। यदि शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं होगा तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता का संतोष ही निस्तारण की वास्तविक कसौटी है।
