झांसी |जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुधाकर पांडेय ने स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। वर्तमान में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने पर हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

सीएमओ ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अधिक गर्मी में रहने से गर्भवती महिलाओं में जटिलताएं (मैटरनल कॉम्प्लिकेशन) बढ़ सकती हैं, इसलिए उन्हें हीट एक्सपोजर से बचना चाहिए।
क्या करें :
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, प्यास न लगे तब भी
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
धूप में निकलते समय छाता, टोपी, चश्मा का उपयोग करें
ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी जैसे पेय का सेवन करें
काम के दौरान बीच-बीच में आराम करें और पानी के छींटे मारें
घर को ठंडा रखें, शाम के समय खिड़की-दरवाजे खोलें
क्या न करें:
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में जाने से बचें
गहरे रंग और तंग कपड़े न पहनें
शराब, चाय, कॉफी व कार्बोनेटेड ड्रिंक से बचें
बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ें
अत्यधिक गर्मी में भारी काम न करें
लक्षण पहचानें :
कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, तेज बुखार (103°F से अधिक), बेहोशी, पसीना आना या बंद होना—ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्भवती महिलाओं के लिए खास सलाह:
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. उत्सव राज के अनुसार, गर्मी के मौसम में गर्भवती महिलाओं में डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर में रहें,पानी, ओआरएस, छाछ आदि का सेवन करें,हल्का व सुपाच्य भोजन लें,नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं,किसी भी गंभीर लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
