झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने पहुंज नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की।
कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक में नदी को अतिक्रमण मुक्त रखने, वर्षभर प्राकृतिक जल प्रवाह बनाए रखने और पर्यावरणीय संतुलन संरक्षित रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नदी के कैचमेंट एरिया, जल भंडारण क्षमता तथा रेलवे को उपलब्ध कराए जाने वाले पानी की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नदी संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा करेगी और एनजीटी के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करेगी।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी की भूमि पर किसी भी नए अतिक्रमण को हर हाल में रोका जाए तथा पहले से किए गए अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों से नदी में सतत एवं प्राकृतिक जल प्रवाह बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) को निर्देशित किया गया कि नदी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नदी क्षेत्र और निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में भविष्य में किसी भी आवासीय भवन का नक्शा स्वीकृत न किया जाए। इस संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि पहुंज नदी का संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और जनहित सुरक्षित रखा जा सके।
