बुंदेलखंड लिट्रेचर फेस्टिवल-

तीन दिवसीय बुंदेलखंड लिट्रेचर फेस्टिवल का हुआ आगाज़

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झांसी। बुंदेलखंड लिट्रेचर फेस्टिवल-5.0 की शुरुआत जनरल विपिन रावत शहीद पार्क में शुक्रवार को वैदिक ब्रह्माण आचार्य अंशुल नायक के वैदिक मंगलाचार के साथ हो गयी ।

कार्यक्रम का उद्धाटन प्रख्यात पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध, बुंदेलखंड विवि (बीयू) के कुलपति मुकेश पांडेय, डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेस प्रो. बलराम पाणि, विदेश मंत्रालय में निदेशक नितिन प्रमोद के करकमलों से हुआ. इस दौरान ऋचा अनिरुद्द ने कहा कि हमेशा बड़े सपने देखें । नितिन प्रमोद ने स्थानीय साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. बलराम पाणि ने लिट्रेचर फेस्ट की विविधता को आत्मसात करने और खुद पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. मुकेश पांडेय ने कार्यक्रम के दौरान पहली बार झांसी आए अतिथियों को शहर के व्यंजन चखाने, संस्कृति से परिचित कराने का आग्रह किया। इस दौरान रविंद्र कुमार और डॉ. अनिरुद्ध रावत के संयुक्त यात्रा वृतांत क्षितिज के पार का लोकार्पण हुआ।

बुंदेलखंड लिट्रेचर फेस्टिवल-

पहले सत्र माटी की गूंज में बुंदेली लोक गायिका साक्षी पटेरिया, आल्हा गायक जितेंद्र चौरसिया से विदित नारायण बुधौलिया ने बातचीत की। इस दौरान साक्षी ने बुंदेली गायन की महत्ता पर बात की। दोनों ही अतिथियों ने तेज़ी से बदलते दौर में, लोगों को आकर्षित करने के लिए आल्हा और लोक गायन को वर्तमान ट्रेंड जैसे सरल भाषा, पोशाक और इंस्ट्रूमेंट से जोड़ने पर ज़ोर दिया।

बुंदेलखंड लिट्रेचर फेस्टिवल-

दूसरे सत्र में मीडिया, लोकतंत्र और मानव धर्म विषय पर प्रख्यात पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध से वरिष्ठ पत्रकार अरिंदम घोष ने संवाद किया. जिसमें ऋचा अनिरुद्ध ने जनता से जागरूक होने को कहा ताकि मीडिया भी ज़रूरी मुद्दों को दिखाना पर विवश हो जाए। साथ ही किसी भी करियर में सफल होने के लिए दृढ़ निश्चयी और जुझारू होने की प्रेरणा दी इस दौरान उन्होंने जमघट पाठशाला नामक अपने शैक्षिक उपक्रम का भी जिक्र किया जिसके तहत करीब 150 बच्चे निशु्ल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने सभी से कम से कम एक व्यक्ति को साक्षर बनाने का आग्रह किया।

तीसरे सत्र में विश्व मंच के लिए भारत की कक्षा विषय पर प्रो. बलराम पाणि से विपिन बिहारी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. टीके शर्मा ने बातचीत की. इसमें प्रो. बलराम ने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए डिग्री के साथ ही प्रैकटिकल नॉलेज लेने पर ज़ोर दिया. उन्होंने शिक्षिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अन्य कामों से मुक्त करने की बात कही।

इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम में पहुंचे, जिन्होंने बड़ी संख्या में सत्रों को सुना और सवाल किए। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर मौजूद स्टाल पर किताबें, कैलीग्राफी पोस्टर खरीदे और व्यंजनों का आनंद लिया।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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