बैंकों की लचर कार्यप्रणाली

युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाओं को बैंकों की लचर कार्यप्रणाली लगा रही पलीता

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झांसी ।उत्तर प्रदेश सरकार की बुंदेलखंड में युवा उद्यमी विकास व युवा स्वरोजगार के लिए चलायी जा रही योजनाओं को लेकर झांसी जनपद के बैंको की लापरवाही और शिथिल कार्यप्रणाली के कारण आपेक्षित लक्ष्य हासिल नहीं कर पा रही है ।

यहां नवीन सभागार कलेक्ट्रेट में बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बैंकों की लचर कार्यप्रणाली को लेकर न केवल नाराज़गी जताई बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करने को लेकर फटकार भी लगाई ।

जिलाधिकारी ने 40% से कम सीडी रेशियो वाली बैंक जिसमें पंजाब नेशनल बैंक,सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक सहित आधा दर्जन बैंक शामिल हैं, सभी को फटकार लगाते हुए अपने सीडी रेशियो में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए, उन्होंने एक्शन प्लान तैयार कर उसे क्रियान्वित करने का सुझाव दिया। उन्होंने ताकीद करते हुए कहा कि ऐसे बैंक जहाँ सीडी रेशियो में सुधार नहीं होता है तो कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बैंकों को प्राथमिकता वाले क्षेत्र पर फोकस करते हुए कैम्प आयोजित कर ऋण वितरण में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लीड बैंक पीएनबी सहित अन्य बैंकों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को ऋण न देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लोन वाली स्कीम में रुचि लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को सीडी रेशियो 60% प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में पीएनबी, एसबीआई, सेंट्रल बैंक एंव इंडियन बैंक के फिसड्डी होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नाम लेते हुए स्टेट बैंक आफ इंडिया 947, पंजाब नेशनल बैंक 775, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 200, एचडीएफसी 114, यूपी ग्रामीण बैंक 387, बैंक ऑफ़ इंडिया 197, इंडियन बैंक 201, सहित 19 बैंकों द्वारा 3261 आवेदन निरस्त करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, उन्होंने इन सभी बैंकों को ताकीद करते हुए कहा कि आवेदनों पर विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान करें और वितरण करना सुनिश्चित किया जाए। लंबित रखने की स्थिति को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डीएलआरसी की बैठक में श्री चौधरी ने स्वयं सहायता समूह के सीसीएल रिपोर्ट की समीक्षा करते बैंकों द्वारा 802 सीसीएल फाइल लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त की । उन्होंने ब्लाक स्तर पर कैंप आयोजित कर सभी आवेदनों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी बैंकों के डीसी से कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान,मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, वित्त पोषण हेतु सहायता योजना में प्रेषित आवेदनों के निरस्तीकरण के कारण की वजह की जानकारी आवेदनकर्ता को भी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। निरस्तीकरण अधिक होने पर यह माना जाएगा कि बैंक अधिकारियों ने कार्य में रुचि नहीं ली। युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए बैंकों को योजना अंतर्गत ऋण आवेदनों की स्वीकृति प्रदान कर वितरण भी सुनिश्चित करना होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बुंदेलखंड में रोजगार के अधिक अवसर है, इस स्थिति में युवाओं को स्वावलंबी बनाने व स्वरोजगार लगाने में सभी बैंक अधिकारी सहयोग करते हुए उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य है, उसकी तरक्की देश की तरक्की है। उन्होंने बैठक के दौरान बैंकों के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति से असंतुष्ट होने पर खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को समय से सुधार लाए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैठक में ओडीओपी योजना अंतर्गत बैंकों में भेजे गए आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए और कहा कि मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार के अंतर्गत बैंकवार समीक्षा करते हुए बैंकों में प्रेषित आवेदनों को तत्काल स्वीकृत करते हुए वितरण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन

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