झांसी। बुंदेलखंड के झांसी महानगर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को समाजसेविका डॉ. नीति शास्त्री ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक कदम बताया।

सर्किट हाउस में इस अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. शास्त्री ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और वे “लाभार्थी” से “नीति निर्माता” की भूमिका में आएंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण के सकारात्मक परिणाम पहले ही सामने आ चुके हैं, जहां महिला नेतृत्व ने जन-केंद्रित नीतियों को बढ़ावा दिया है। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं में भी देखने को मिलेगा, जिससे विकास अधिक संतुलित और समावेशी बनेगा।
पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जन धन योजना, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। वहीं, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ वंदना योजना और आंगनवाड़ी सेवाओं से महिलाओं को लाभ मिला है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। यह अधिनियम सामाजिक न्याय, समान अवसर और सशक्त लोकतंत्र का प्रतीक है। पंचायतों में बढ़ती महिला भागीदारी के बावजूद संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी कम है, जिसे यह कानून दूर करेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसका सशक्तिकरण विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।”
इस दौरान कंचन जायसवाल, सुमन पुरोहित, प्रियंका साहू, साधना पटेल और राशि साहू मौजूद रहीं ।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
