झांसी। जनपद झांसी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात की दिशा में कदम बढ़ा है। मंडलीय चिकित्सालय की स्थापना के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर गहन मंथन किया गया है, जिसमें 100 बेड के कैंसर विंग की स्थापना पर भी विचार किया गया।

कमिश्नरी सभागार में आयोजित चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष (आईएएस) ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता है कि गरीब व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में मंडलायुक्त द्वारा चिकित्सालय हेतु भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि स्थानीय स्तर पर एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती तत्काल सुनिश्चित की जाए और वेटिंग लिस्ट भी तैयार रखी जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
अपर मुख्य सचिव ने झांसी मंडल की अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यहां लागू मासिक मूल्यांकन प्रपत्र को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके अलावा बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग जैसी पहल को भी सराहा गया।
सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ. पिंकी जोवल ने सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मन्दिर समय से खुलें, अन्यथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए :
- प्राइवेट नर्सिंग होम का नवीनीकरण नियमानुसार हो
- स्टेट टीम के फीडबैक पर त्वरित सुधार किया जाए
- टीबी मुक्त भारत अभियान में विशेष ध्यान दिया जाए
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य आरोग्य मेला में गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित किया जाए
बैठक में जिला महिला अस्पताल को जल्द ही एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
इस दौरान ललितपुर में उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए सीएमएस डाॅ. राजनारायण की विशेष प्रशंसा की गई और अन्य चिकित्सकों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने और बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।
वैभव सिंह
