झांसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक और संस्थागत विस्तार अब चार शहरों तक पहुंचने जा रहा है। झांसी, दतिया और मुरैना के बाद मध्य प्रदेश के सीहोर में शीघ्र ही इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू किया जाएगा। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बुधवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों और नवचयनित शिक्षकों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में दी।
कृषि विज्ञान मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रसेवा का मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि शिक्षा के साथ संस्कार, कौशल, नवाचार, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
कुलपति डॉ. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों एवं शैक्षणिक संसाधनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय का शैक्षणिक एवं संस्थागत विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा है। झांसी , दतिया और मुरैना के बाद शीघ्र ही मध्य प्रदेश के सीहोर में इंजीनियरिंग कॉलेज प्रारंभ होने जा रहा है। इस प्रकार विश्वविद्यालय का विस्तार चार शहरों तक हो रहा है, जो कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है
कुलपति ने कहा कि कृषि शिक्षा सीधे देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहिए। आधुनिक कृषि तकनीकों को समझते हुए अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल कृषि, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और जलवायु-अनुकूल खेती का ज्ञान बेहद जरूरी हो गया है। विश्वविद्यालय का प्रयास विद्यार्थियों को ऐसा ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे वे भविष्य की कृषि चुनौतियों का समाधान खोज सकें।
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरके सिंह, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा कॉलेज ऑफ फिशरीज के अधिष्ठाता डॉ. पीके पांडेय ने अपने-अपने महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
निदेशक शोध डॉ. एसके चतुर्वेदी, निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार और निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह ने भी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और कार्यप्रणाली से परिचित कराया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, शिक्षक, नवचयनित संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी मौजूद रहे।
