झांसी। जनपद में संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिराग हॉस्पिटल और जेसीएचओ हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी के निर्देश पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (पंजीकरण) डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने 13 जुलाई को दोनों अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि दोनों अस्पताल अलग-अलग ब्लॉकों में संचालित हो रहे हैं, जबकि इनके लिए केवल एक ही पंजीकरण प्रमाणपत्र उपलब्ध था।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल का पंजीकरण 29 अक्टूबर 2025 को कराया गया था, जिसकी वैधता 30 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रमाणपत्र, मेडिकल प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दस्तावेज तथा अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) की एनओसी भी उपलब्ध नहीं मिली।
इन गंभीर कमियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अस्पतालों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग का कहना है कि बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक सुरक्षा मानकों के अस्पतालों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
