बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बुंदेली वीथिका

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में तैयार होगी बुंदेली वीथिका

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झांसी 10 जनवरी। झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बुंविवि) के हिंदी विभाग में एक ऐसी अनूठी वीथिका बनायी जाने वाली है जो पूरी तरह से  बुंदेलखंड के साहित्य, संस्कृति, कला और ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित होगी ।

विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ मुन्ना तिवारी ने बताया कि बुंदेली वीथिका के निर्माण के पहले चरण का काम 20 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा। विश्वविद्यालय और इससे जुड़े महाविद्यालयों के चयनित विद्यार्थी बुंदेलखंड की विरासत पर आधारित चित्रों और मूर्तियों का निर्माण करेंगे। इसके साथ ही इस अवधि में बुंदेलखंड के साहित्यकारों की पांडुलिपियों को संग्रहित कर उन्हें संरक्षित करने का काम किया जाएगा। कलाकृतियों के निर्माण में बुंदेलखंड की चितेरी कला का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जाएगा।

एक अनूठी वीथिका का निर्माण झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग करने जा रहा है, जिसे बुंदेली वीथिका का नाम दिया गया है। इस अनूठी वीथिका में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के सातों जिलों के विद्यार्थी चित्रकला और मूर्तिकला के माध्यम से विरासत पर आधारित कलाकृति का निर्माण करेंगे। इन कलाकृतियों को इस वीथिका में संरक्षित किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं और विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू कराने की कोशिश होगी।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बुंदेली वीथिका के लिए कलाकृतियों के निर्माण का काम 20 जनवरी से 25 जनवरी तक होगा। इस दौरान बुंदेलखंड की धरोहरों से जुड़े विषयों पर केंद्रित चित्रों और मूर्तियों का निर्माण विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित रहकर विद्यार्थी करेंगे। इस अवधि में 100 कलाकृतियां तैयार होंगी और इन सबको वीथिका में प्रदर्शित करने के लिए लगाया जाएगा जिन सौ विद्यार्थियों और कलाकारों को कलाकृतियां बनाने का काम मिलेगा, उन्हें पारिश्रमिक का भी भुगतान विश्वविद्यालय की ओर से किया जाएगा।

वैभव सिंह

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