झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट किया है की औद्योगिक एवं व्यापारिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या का सत्यापन अब जीएसटी और ईपीएफ विभाग के आंकड़ों से कराया जाएगा।
उद्योग बंधु और व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जीएसटी व ईपीएफ विभाग से कामगारों की सूची लेकर इकाइयों का क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिन सर्विस स्टेशन और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नियमानुसार 20 से अधिक कामगार कार्यरत हैं और वे फैक्ट्री अधिनियम के दायरे में आते हैं, उनकी सूची तैयार कर पंजीकरण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से भी फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकरण कराने की अपील की, ताकि श्रमिकों को नियमानुसार सुविधाएं और अधिकार मिल सकें।
बैठक में उद्यमियों की समस्याएं सुनकर उनके निस्तारण की समय सीमा तय की गई। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि 2500 के लक्ष्य के सापेक्ष 3112 प्रकरण भेजे गए, जबकि 966 आवेदन स्वीकृत और 893 का वितरण किया जा चुका है।
