झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को चतुर्थ श्रेणी एवं सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण अस्पताल परिसर और इमरजेंसी समेत कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जगह-जगह गंदगी दिखाई दी।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी ही अर्थी सजाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों के आरोप:
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 11 माह से उनका वेतन नियमित रूप से नहीं मिला है और अप्रैल माह से वेतन बकाया है। उन्होंने वेतन वृद्धि, बकाया भुगतान तथा सभी कर्मचारियों को निगम मंडल से संबद्ध किए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आउटसोर्स करने वाली ग्लोबल कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से उनके लिए करीब 20 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित होने के बावजूद उनके खातों में मात्र साढ़े आठ हजार रुपये के आसपास वेतन पहुंच रहा है। वह भी समय से नहीं मिलता।
कर्मचारियों ने मेडिकल प्रशासन पर भी कंपनी के कर्मचारियों के बीच भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अन्य कंपनियों के कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कर्मचारियों के अनुसार एक माह पहले भी हड़ताल हुई थी, जिसके बाद प्रशासन के साथ हुए समझौते में बकाया वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा:
प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के दौरान इन कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर लगातार सेवाएं दीं। ऐसे में उनके बकाया वेतन और अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्स व्यवस्था में कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है और एक कंपनी द्वारा लंबे समय से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि संबंधित कंपनी का टेंडर समाप्त हो चुका है तो उसे कार्य करने की अनुमति क्यों दी जा रही है।
प्रदीप जैन आदित्य ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने और कर्मचारियों की सभी जायज मांगों पर तत्काल विचार कर समाधान किए जाने की मांग की।
