झांसी। मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी ने एक और महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल करते हुए 77 वर्षीय बुजुर्ग रेल पेंशनर के टूटे हुए कूल्हे का अत्याधुनिक तकनीक से सफल ऑपरेशन किया है। यह जटिल एवं उच्च जोखिम वाली सर्जरी वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम द्वारा संपन्न की गई।

जानकारी के अनुसार बुजुर्ग रेल पेंशनर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनके बाएं कूल्हे की हड्डी कई हिस्सों में टूट गई थी। इसके कारण वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी में भर्ती कराया गया, जहां जांच के दौरान मरीज में अत्यधिक रक्ताल्पता (एनीमिया), उच्च रक्तचाप तथा हृदय संबंधी बीमारी भी पाई गई। इन परिस्थितियों में शल्यक्रिया चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गहन मूल्यांकन एवं सावधानीपूर्वक योजना बनाते हुए आधुनिक प्रॉक्सिमल फेमरल नेल एंटी-रोटेशन (पीएफएनए-द्वितीय) तकनीक का उपयोग किया। टाइटेनियम इम्प्लांट्स की सहायता से सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से जटिल था, लेकिन टीम के समन्वित प्रयासों से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
इस शल्यक्रिया में डॉ. योगेश कुमार कुशवाहा के साथ एनेस्थेटिस्ट डॉ. अजीत लहरिया, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट मुकेश यादव, श्योराज सिंह, मनोज, ड्रेसर माथुर, संदीप एवं मो. सलीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है। मरीज के परिजनों ने सफल उपचार के लिए मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी तथा रेल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।चिकित्सालय प्रशासन ने इसे संस्थान में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता और समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
