झांसी। बीस किलोग्राम से अधिक गांजा के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी को जेल से राहत नहीं मिल सकी। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) शरद कुमार चौधरी की अदालत ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

डीजीसी (गांजाफौजदारी) दीपक तिवारी के अनुसार, 05 मार्च 2026 को जीआरपी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया स्थित ऑटो स्टैंड के पास संदिग्ध हालत में खड़े एक व्यक्ति को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसके पास रखी प्लास्टिक की बोरी और झोले के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह घबरा गया और बोला कि उसमें “भोलेनाथ का प्रसाद” है।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना नाम तुलसी दास शुक्ला (56) निवासी राम पारख गौरव, थाना लोनी ट्रोनिका सिटी ग्रामीण कमिश्नरेट गाजियाबाद बताया। तलाशी में उसके पास से 20.546 किलोग्राम गांजा, वीवो कंपनी का मोबाइल फोन और 1870 रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह रायपुर से गांजा लाकर दिल्ली में अज्ञात व्यक्तियों को सप्लाई करता था। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।
मामले में सुनवाई के बाद न्यायालय ने पर्याप्त आधार न मिलने पर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
