झांसी। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक नगरी झांसी को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा 2014 बैच के अधिकारी गौरांग राठी ने बुधवार को झांसी के जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने आज कलेक्ट्रेट स्थित जिला कोषागार पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।

श्री राठी इससे पूर्व जनपद उन्नाव में जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत रह चुके है। जिला कोषागार में कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त उन्होंने जरूरी अभिलेखों पर हस्ताक्षर किया।
पदभार संभालने के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक की तथा पत्रकारों से भी संवाद किया। नवनियुक्त जिलाधिकारी ने बताया कि इससे पूर्व वे बहराइच, वाराणसी, भदोही और उन्नाव जनपदों में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए पहला अवसर है जब वे बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेष रूप से शौर्य और बलिदान की भूमि झांसी में कार्यभार संभाल रहे हैं।
पानी, बिजली और जाम की समस्या पर रहेगा फोकस
श्री राठी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जनपद में पेयजल संकट एक प्रमुख समस्या है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति और शहर में जाम की समस्या को भी गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर अब तक किए गए कार्यों को आगे बढ़ाते हुए ठोस और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों, इसके लिए स्थायी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
झांसी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि झांसी के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान को और मजबूत करते हुए शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताते हुए बेहतर शासन, विकास और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
नए मुख्य विकास अधिकारी ने भी संभाला पदभार
इसी क्रम में 2022 बैच के IAS अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनबाड़ ने झांसी के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
