झांसी। उत्तर मध्य रेलवे का झांसी रेल मंडल लगातार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण को केंद्र में रखते हुए मंडल द्वारा किए जा रहे प्रयास अब बड़े पैमाने पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी माह में डीजल की खपत में आई कमी से 84,35,590 रुपये की उल्लेखनीय बचत दर्ज की गई है।

अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच मंडल ने डीजल उपयोग में सुधार और तकनीक आधारित प्रबंधन के माध्यम से कुल 11.11 करोड़ रुपये की बचत कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि केवल ईंधन की बचत नहीं, बल्कि ऊर्जा के स्वच्छ और वैकल्पिक स्रोतों, विशेष रूप से बिजली, के अधिकतम उपयोग का प्रभाव है। डीजल की खपत में कमी से खर्च में कमी तो आई ही है, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में गिरावट आने से पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी मदद मिली है। ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम में यह कदम अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है।
फरवरी 2026 के दौरान मंडल द्वारा 485 केएल एचएसडी तेल का उपयोग किया गया, जबकि फरवरी 2025 में यह खपत 609 केएल थी, जो 20.36% की बचत को दर्शाता है।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि मंडल स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लोको शटडाउन, प्रभावी प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से हाई स्पीड डीजल की खपत को लगातार कम किया जा रहा है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में ऊर्जा-संरक्षण के और बड़े परिणाम देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मंडल ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के विस्तार के लिए और अधिक तत्परता और गति से काम करता रहेगा। उनका कहना था कि लक्ष्य केवल रेलवे को पर्यावरण-अनुकूल बनाना ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना भी है।
