
अभियोजन अधिकारी अखिलेश कुमार मौर्य ने बताया कि करीब 4 वर्ष पूर्व स्वामीपुरम कॉलोनी ग्वालियर रोड निवासी राजेन्द्र सिंह चावला पुत्र स्व० सर्व सिंह चावला ने सीजेएम कोर्ट में धारा 156 (3) द०प्र०सं० के तहत प्रार्थना पत्र देकर अपने ही भाई गुरजीत सिंह चावला व भतीजों सुप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के विरुद्ध कोतवाली में धारा- 386, 336, 427 ता०हि० में मुकदमा पंजीकृत करवाया था।
विवेचना में मुकदमा झूठा पाया गया तथा तीनों आरोपियों को निर्दोष पाया गया। इसके बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर वादी के खिलाफ झूठा मुकदमा लिखवाने के लिए परिवाद दर्ज करने हेतु प्रार्थना पत्र भी पेश किया था।
अभियोजन अधिकारी श्री मौर्य ने बताया कि एक अन्य मामले में मंदीप सिंह उर्फ हनी पुत्र राजेन्द्र सिंह चावला ने भी अपने चाचा और चचेरे भाइयों पर झूठे आरोप लगाते हुए 25 जनवरी 2022 को न्यायालय में धारा 156 (3) द०प्र०सं०के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था , जिस पर गुरुजीत सिंह चावला पुत्र स्व० सर्व सिंह चावला, सुप्रीत सिंह व हरप्रीत सिंह पुत्रगण गुरजीत सिंह चावला के खिलाफ धारा 307, 386 ता०हि० के तहत थाना सीपरी बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना में उक्त मामला भी झूठा पाया गया पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित करते हुए वादी के खिलाफ धारा 182 सीआरपीसी की कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र दिया , जिस पर आदेश पारित करते हुए न्यायालय ने झूठा मुकदमा दर्ज करवाने वाले के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपी गुरजीत सिंह चावला व उसके पुत्रों सुप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह की ओर से पैरवी अधिवक्ता रितेश अग्रवाल ने की।
