उत्तर प्रदेश बाल रोग अकादमी का 43वां प्रदेश स्तरीय सम्मेलन कल से ओरछा मे

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झांसी 28 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश बाल रोग अकादमी का 43वां प्रदेश स्तरीय सम्मेलन कल से झांसी के निकट ओरछा में शुरू होने जा रहा है।

इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बाल रोग अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ संजय निरंजन ने बताया कि भारतीय बाल रोग अकादमी देश में 39 हजार बाल रोग विशेषज्ञों की सबसे बड़ी संस्था है। यह संस्था देश और प्रदेश के स्तर पर बच्चों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। यह संस्था बाल रोगों के संबंध में रिसर्च को बढावा देकर बच्चों से जुड़ी बीमारियों को समझने और उनके समाधान के लिए शोध को बढावा देती है।

इसी अकादमी की उत्तर प्रदेश शाखा झांसी में वार्षिक सम्मेलन करने जा रही है। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग और झांसी बालरोग अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में इस सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बच्चों के संबंध में अगर बात की जाए तो आधे बच्चों की मृत्युदर पांच साल से कम आयुवर्ग में होती है। इसे नवजात मृत्यु कहा जाता है। दो दिवसीय इस आयोजन के दौरान नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए और उनमें पनपने वाली बीमारियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की जायेगी। बच्चों को किस तरह से बेहतर इलाज और जानकारी मुहैया करायी जा सके इस पर भी मंथन किया जायेगा। इस आयोजन में देशभर से तो बाल रोग विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे ही साथ ही विदेशों से भी आये कुछ विशेषज्ञ शिरकत करेंगे।

इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो़ मुकेश पांडेय शिरकत करेंगे और विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक प्रो़ एन सी प्रजापति और झांसी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एन एन सेंगर की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

उन्होंने बताया कि दो दिनों तक होने वाले विभिन्न सत्रों में चिकित्सकों को आपस में विचार सांझा करने का बड़ा मौका मिलेगा । इस दौरान बच्चों में पनपने वाले नये नये रोगों को लेकर शोध पत्र भी प्रस्तुत किये जायेंगे।

इस दौरान डॉ़ ओमशंकर चौरसिया, डॉ़ अनिल कौशिक, डॉ़ जी एस चौधरी और प्रदीप श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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