झांसी। जनपद की टहरौली तहसील क्षेत्र की एक 68 वर्षीय विधवा महिला ने अपनी पैतृक भूमि से जुड़े विवाद में दो अधिवक्ताओं पर धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वास तोड़ने के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने सुनवाई के लिए कानपुर में तारीख निर्धारित की है।

ग्राम दुरवई, थाना टोड़ीफतेहपुर निवासी मुन्नी राजा पत्नी स्वर्गीय शिरोमन सिंह की ओर से 15 मई 2026 को शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी पैतृक भूमि से संबंधित वाद में अधिवक्ता केहर सिंह यादव और विपक्षी अधिवक्ता भानुप्रताप पटेल के बीच कथित रूप से मिलीभगत हुई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मुकदमे के दौरान उनसे कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए और बाद में कथित रूप से उनकी जानकारी के बिना समझौते से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। महिला का आरोप है कि इस वजह से वह अपनी पैतृक भूमि से वंचित हो गईं, जो उनके पति की मृत्यु के बाद उनके जीवनयापन का प्रमुख साधन थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिवक्ता टहरौली में एक ही चैंबर में प्रैक्टिस करते हैं और कथित रूप से आपसी मिलीभगत से महिला के साथ धोखाधड़ी की गई। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव की ओर से दोनों अधिवक्ताओं को संबंधित दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस दस्तावेज से नहीं होती है। दोनों अधिवक्ताओं का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
