खरीफ किसान पाठशाला

गौ आधारित खेती के माध्यम से खेती की लागत होगी कम और मुनाफा होगा दोगुना:अविनाश कुमार

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झांसी 23 जून । बुंदेलखंड के झांसी जिला प्रशासन ने खरीफ किसान पाठशाला के महत्व को रेखांकित करते हुए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में इसमें सम्मिलित होने की अपील की।

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने  जनपद की समस्त 496 ग्राम पंचायतों में हो रही खरीफ किसान पाठशाला की आज समीक्षा की और कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती-किसानी की
लागत कम करने के प्रयासों में खरीफ किसान पाठशाला की महती भूमिका है। पाठशाला में किसानों को नई-नई तकनीकी की जानकारी देते हुए खेती को आसान किए जाने पर विस्तृत चर्चा हो रही है।  किसान खेती कार्य में सुधार के साथ ही उत्पादकता में बढ़ोतरी कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप खरीफ 2024 में सभी  न्याय पंचायतों की ग्राम पंचायतों में किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमे ग्राम बेहटा पालर, विकास खण्ड  बड़ागांव के  समुदाय केंद्र पर आयोजित किसान पाठशाला का डीडी कृषि ने निरीक्षण किया। जहां पाठशाला हेतु नामित मास्टर ट्रेनर  आजाद शेखर बीटीएम द्वारा संचालित की जा रही थी।

आयोजित की जा रही पाठशाला में उप कृषि निदेशक  एम पी सिंह ने किसानों को कृषि विभाग के राज्य एवम केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनसे कैसे लाभान्वित  हो सकते है और जिसमे उद्यान, पशु पालन, डेरी मछली पालन आदि की भी जानकारी दी। किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, केकेसी, पराली प्रबंधन आदि की जानकारी देते हुए खरीफ में बोई जाने वाले मूंग, उर्द,मूंगफली, तिल, धान की मिनिकिट आदि के बीज, एवम उपलब्ध होने वाले बीज मिनीकिट को पाठशाला में आए कृषकों को प्राथमिकता पर दिए जाने के  प्रभारी कर्मचारी को निर्देश दिए।

आयोजित पाठशाला में योजना प्रभारी श्री दीपक कुशवाहा विषय वस्तु विशेषज्ञ द्वारा बताया गया कि पाठशालाओं खरीफ एवं रबी दोनों सीजन में आयोजित होगीं। अधिक से अधिक किसान भाई इसमें आकार जानकारी लेकर योजनाओं का लाभ लें।

वैभव सिंह

बुंदेलखंड कनेक्शन

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