झांसी। शहर में संचालित अवैध नर्सिंग होम्स के खिलाफ गुरुवार को बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के संरक्षण में बड़ी संख्या में नर्सिंग होम्स नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रहे हैं।

मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कहा गया कि शहर में कई नर्सिंग होम्स बिना नक्शा स्वीकृति और गैर-भू उपयोग वाली जमीन पर बनाए गए हैं। अग्निशमन विभाग पर आरोप लगाया गया कि वह नियमों के विपरीत केवल औपचारिकता निभाते हुए अनुमति जारी कर रहा है, जबकि प्रदूषण विभाग भी चिकित्सीय अपशिष्ट के निस्तारण और पर्यावरण मानकों की अनदेखी कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे अवैध नर्सिंग होम्स को संचालन की अनुमति कैसे दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मोर्चा का आरोप है कि संबंधित विभागों से नर्सिंग होम्स से जुड़े दस्तावेज, नोटिस और कार्रवाई की जानकारी कई बार मांगी गई, लेकिन करीब आठ माह बाद भी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए।
गुरुवार को जब मोर्चा पदाधिकारी जेडीए सचिव से जानकारी लेने पहुंचे और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। बाद में प्राधिकरण की ओर से 15 दिन के भीतर सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और मोर्चा मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेगा।
