झांसी। जनपद के गुरसरांय थाना परिसर में पॉक्सो एक्ट और छेड़खानी के मामले में निरुद्ध एक आरोपी ने सोमवार सुबह थाना परिसर स्थित टॉयलेट में गमछे से फांसी लगाने का प्रयास किया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तत्काल आरोपी को नीचे उतारा और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गुरसरांय में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया।पुलिस के अनुसार, सोमवार, 10 अगस्त की सुबह थाना गुरसरांय से घटना की सूचना प्राप्त हुई। आरोपी थाना परिसर में पुलिस अभिरक्षा में था। इसी दौरान उसने टॉयलेट में जाकर गमछे का इस्तेमाल करते हुए फांसी लगाने का प्रयास किया।
घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबी जीटीएस मूर्ति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (एसपीआरए) को पूरे प्रकरण को देखते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच में यदि किसी स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है या कोई जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी का मेडिकल कॉलेज झांसी में उपचार कराया जा रहा है और और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है । प्रकरण में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि मामला थाना गुरसरांय क्षेत्र के ग्राम सिंगार का है जहाँ एक 09 वर्षीय बालिका के पिता ने थाने में राजेंद्र प्रसाद (65) निवासी सिंगार के खिलाफ बालिका के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के प्रयास की शिकायत रविवार को थाने में दी थी ।
पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 9 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे उनकी 09 वर्षीय बेटी मंदिर जा रही थी। रास्ते में वह कनेर के फूल तोड़ने लगी। आरोप है कि इसी दौरान राजेंद्र प्रसाद ने बच्ची से बाड़े के अंदर जाकर फूल तोड़ने के लिए कहा। बच्ची जब बाड़े के अंदर फूल तोड़ने गई तो आरोपी भी उसके पीछे अंदर पहुंच गया ।
आरोप है कि राजेंद्र ने बच्ची के साथ अश्लील हरकत करने का प्रयास किया। बच्ची किसी तरह वहां से भागकर घर पहुंची और रोते हुए अपनी मां व दादी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खेत से घर लौटे पिता को परिजनों ने पूरी घटना बताई। पिता ने थाना गुरसरांय पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ संबंधित धाराओं 76, 9एम और 10 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया था।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
