झांसी। महानगर स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला “क्वेस्ट ऑफ एक्सीलेंस: टुवर्ड्स साइंटिफिक एंड रिसर्च पर्स्यूट्स” का भव्य शुभारंभ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हुआ। यह कार्यशाला 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. नागेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. अनिल कुमार (निदेशक शिक्षा) एवं डॉ. सुशील कुमार सिंह (निदेशक प्रसार शिक्षा) द्वारा दीप प्रज्वलन एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ किया गया।
कार्यशाला के लीडर डॉ. नागेंद्र प्रताप सिंह ने इसकी रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्कृष्टता एक सतत प्रक्रिया है, जिसे निरंतर प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को शोध एवं उच्च शिक्षा में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया।

निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि नवाचार, सतत विकास एवं समाजोपयोगी अनुसंधान को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण बताया।
निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार ने स्वागत भाषण में कार्यशाला की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि यह पहल वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार एवं अकादमिक गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन सत्र के पश्चात तकनीकी सत्रों का आयोजन प्रारंभ हुआ, जिनमें वैज्ञानिक लेखन, शोध पद्धति, नवाचार, उच्च शिक्षा में उभरते रुझान एवं कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में विभिन्न संकायों के शिक्षक, वैज्ञानिक एवं शोधार्थी बड़ी संख्या में सहभागी हैं। यह आयोजन प्रतिभागियों को अपने अनुसंधान एवं अकादमिक कार्यों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्तिका सिंह ने किया तथा डॉ. राम प्रकाश यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
