झांसी। महानगर में नगर निगम ने बरसात से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाला सफाई अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त के निर्देश पर शहर के विभिन्न वार्डों में चल रहे नाला सफाई कार्यों की निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सभी नामित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगे तथा जियोटैग फोटो और वीडियोग्राफी के साथ सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। नगर निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर नगर आयुक्त, संयुक्त नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, पशु कल्याण अधिकारी और अन्य अधिकारियों को अलग-अलग वार्डों में नाला सफाई कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नालों की सफाई निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई जाए और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल मुख्य अभियंता को अवगत कराया जाए।
नगर आयुक्त ने नाला सफाई कार्यों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है। इसके तहत नाला सफाई कार्य एक माह के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। कार्य में देरी होने या बीच में काम रोकने पर संबंधित ठेकेदार की जमानत राशि जब्त कर दोबारा निविदा जारी की जाएगी।
एसओपी के अनुसार ठेकेदारों को नालों से सिल्ट निकालने, पानी निकासी और सिल्ट उठान जैसे सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार करने होंगे। सिल्ट उठान में देरी होने पर भुगतान रोका जाएगा और अर्थदंड लगाया जाएगा। सफाई कार्य में मानव बल, जेसीबी मशीन और अन्य उपकरणों के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने यह भी अनिवार्य किया है कि सफाई कार्यों की जीपीएस युक्त फोटो और वीडियोग्राफी सुरक्षित रखी जाए तथा जरूरत पड़ने पर दैनिक प्रगति रिपोर्ट संबंधित व्हाट्सएप समूह में साझा की जाए। इसके अलावा नाला सफाई में लगे श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना संबंधित फर्म की जिम्मेदारी होगी।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नाला सफाई कार्य समयबद्ध और अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्य पूर्ण होने के सात दिन के भीतर माप पुस्तिका में प्रविष्टि कर भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
