झांसी।महानगर स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी में आयोजित छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस सप्ताह ‘ज्ञानप्रभा 2.0’ का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन एवं दीक्षांत सत्र में एसएसपी झांसी विकास कुमार मुख्य अतिथि रहे।
एसएसपी विकास कुमार ने कहा:

एसएसपी विकास कुमार ने कहा कि आधुनिक दौर में अपराध की जांच और अपराधियों के पर्दाफाश में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अपराधी नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अत्याधुनिक फॉरेंसिक साक्ष्यों का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस और भावी फॉरेंसिक वैज्ञानिकों के बीच बेहतर समन्वय न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने की। उन्होंने संस्थान की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की व्यावहारिक तकनीक और शोध सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
21 सितंबर से शुरू हुए फॉरेंसिक साइंस सप्ताह के दौरान डिजिटल फॉरेंसिक, अपराध स्थल जांच, वाद-विवाद, विधिक विषयों और पोस्टर प्रस्तुतीकरण सहित विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में एसएसपी विकास कुमार और कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने विजेता प्रतिभागियों को मेडल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक, पुलिस विभाग के अधिकारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार जताया गया।
