झांसी। उधारी के 30 लाख रुपये मांगने को लेकर हुए विवाद में चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी को 8 वर्ष 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1, आदित्य चतुर्वेदी ने अभियुक्त चंद्रशेखर को 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड न देने पर उसे 10 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र रावत एवं रवि प्रकाश गोस्वामी के अनुसार, सेमरी थाना गुरसरांय क्षेत्र निवासी भगवत सिंह पुत्र श्याम सिंह ने 1 जुलाई 2018 को थाना कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप था कि उसी दिन सुबह करीब 6 बजे उसका भाई विनोद यादव उर्फ माते अपना उधार दिया हुआ 30 लाख रुपये मांगने के लिए खाई मोहल्ला नई बस्ती, झांसी निवासी चंद्रशेखर पुत्र मिसरी लाल विश्वकर्मा के घर गया था।
रुपयों के लेन-देन को लेकर विनोद और चंद्रशेखर के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान चंद्रशेखर ने आवेश में आकर विनोद पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
चंद्रशेखर की पत्नी चंदा घायल विनोद को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई। परिजनों को सूचना मिलने पर वे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त चंद्रशेखर को दोषी पाया गया। न्यायालय ने उसे धारा 304 भारतीय दंड संहिता के तहत 8 वर्ष 3 माह के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
