झांसी। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत झांसी पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1.15 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं चोरी के एक अन्य मामले में आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा: चिरगांव थाने में 7 अप्रैल 2022 को दर्ज मुकदमे में धारा 376, 452, 506 भादवि और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस और एडीजीसी की प्रभावी पैरवी के बाद 12 अगस्त 2026 को एडीजे तृतीय/रेप एवं पॉक्सो कोर्ट, झांसी ने अभियुक्त ओम प्रकाश राजपूत निवासी वझेरा, चिरगांव को 10 वर्ष कठोर कारावास और 1 लाख 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रप्रकाश शर्मा, विवेचक निरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, विशेष कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल अर्चना और पैरोकार कांस्टेबल अमित गुप्ता की प्रभावी भूमिका रही।
चोरी के आरोपी को जेल में बिताई अवधि की सजा: कोतवाली थाने में 2 जुलाई 2025 को दर्ज चोरी के मामले में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, झांसी ने अभियुक्त सुरेंद्र कुशवाहा निवासी बड़ोनी, दतिया को जेल में बिताई गई एक वर्ष 19 दिन की अवधि के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार गौतम, विवेचक उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रवीण तिवारी, महिला कांस्टेबल ज्ञानवती और पैरोकार महिला कांस्टेबल कुमकुम की पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वैभव सिंह
बुंदेलखंड कनेक्शन
