झांसी। नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के लंबे संघर्ष के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झांसी में विपक्षी दलों ने सड़क पर उतरकर जश्न मनाया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेसियों ने कचहरी चौराहे पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद छात्रों और कार्यकर्ताओं को मिठाई बांटकर खुशी जताई गई। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में संविधान की पुस्तक लेकर छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा ,कांग्रेस नेताओं ने कहा:
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने जिस एकजुटता और साहस के साथ आंदोलन किया, उसी का परिणाम है कि सरकार को दबाव में आकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की केवल घोषणा की गई है। जब तक मुआवजा वास्तव में नहीं दिया जाता और छात्रों की अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहना चाहिए।
उधर, इलाइट चौराहे पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे। सपाइयों ने विश्वविद्यालय के छात्रों और कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर खुशी जताई। सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा , सपा नेताओं ने कहा
सपा नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की लड़ाई केवल परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और व्यवस्था की जवाबदेही की लड़ाई थी। छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया और आखिरकार सरकार को पीछे हटना पड़ा।
विपक्षी दलों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। छात्रों की सभी मांगें पूरी होने और पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
